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		<title>गीतों की महफिल</title>
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      <itunes:author>चैतन्य सागर</itunes:author>
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			<title>ये किसके इशारे जहाँ चल रहा है?</title>
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इस सुन्दर गाने को सुनने के लिये आपको इस लिंक को कॉपी कर अपने ब्राऊजर में पेस्ट करना पड़ेगा क्यों कि नारद से यह लिंक किन्हीं तकनीकी कारणों से नहीं खुलेगा। 
हेमंत कुमार  संगीतकार के रूप में जितनी मधुर  धुनें दी ही थी बतौर गायक उतने  ही मधुर गाने गाये। यहाँ प्रस्तुत गाना  फिल्म पहली  झलक (१९५४) का है फिल्म का संगीत दिया है   सी रामचन्द्र ने  और गीतकार है, राजेन्द्र कृष्ण। इस सुन्दर गाने में वाद्य यंत्रों का उपयोग बहुत कम हुआ है पर  संगीतकार सी रामचन्द्र ने बांसुरी  और तबले का उपयोग बहुत ही खूबसूरती से किया है।  गाने के बोल नीचे दिये है 

ज़मीं चल रही आसमां चल रहा है

ये किसके इशारे जहाँ चल रहा है

ज़मीं चल रही है...



चली जा रही है जमाने की नय्या

नजर से ना देखा किसी ने खेवैया

ना जाने ये चक्कर कहाँ चल रहा है

ये किसके इशारे ...

ये हंसना ये रोना ये आशा निराशा

समझ में ना आये ये क्या है तमाशा 

ये क्यों रात दिन कारवां चल रहा है 

ये किसके इशारे ...

अजब ये महफ़िल अजब दास्तां है

ना मंजिल है कोई ना कोई निशां  है 

तो फिर किसके लिये कारवां चल रहा है

ये किसके इशारे....

भटकते तो देखे हजारों सयाने

मगर राज कुदरत का कोई ना जाने

ये सब सिलसिला बेनिशां चल रहा है

ये किसके इशारे जहाँ चल रहा है&lt;img src=&quot;http://www.mypodcast.com/image-44384&quot;&gt;</description>
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http://mahaphil.mypodcast.com/2007/07/post-26085.html
इस सुन्दर गाने को सुनने के लिये आपको इस लिंक को कॉपी कर अपने ब्राऊजर में पेस्ट करना पड़ेगा क्यों कि नारद से यह लिंक किन्हीं तकनीकी कारणों से नहीं खुलेगा। 
हेमंत कुमार  संगीतकार के रूप में जितनी मधुर  धुनें दी ही थी बतौर गायक उतने  ही मधुर गाने गाये। यहाँ प्रस्तुत गाना  फिल्म पहली  झलक (१९५४) का है फिल्म का संगीत दिया है   सी रामचन्द्र ने  और गीतकार है, राजेन्द्र कृष्ण। इस सुन्दर गाने में वाद्य यंत्रों का उपयोग बहुत कम हुआ है पर  संगीतकार सी रामचन्द्र ने बांसुरी  और तबले का उपयोग बहुत ही खूबसूरती से किया है।  गाने के बोल नीचे दिये है 

ज़मीं चल रही आसमां चल रहा है

ये किसके इशारे जहाँ चल रहा है

ज़मीं चल रही है...



चली जा रही है जमाने की नय्या

नजर से ना देखा किसी ने खेवैया

ना जाने ये चक्कर कहाँ चल रहा है

ये किसके इशारे ...

ये हंसना ये रोना ये आशा निराशा

समझ में ना आये ये क्या है तमाशा 

ये क्यों रात दिन कारवां चल रहा है 

ये किसके इशारे ...

अजब ये महफ़िल अजब दास्तां है

ना मंजिल है कोई ना कोई निशां  है 

तो फिर किसके लिये कारवां चल रहा है

ये किसके इशारे....

भटकते तो देखे हजारों सयाने

मगर राज कुदरत का कोई ना जाने

ये सब सिलसिला बेनिशां चल रहा है

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          <itunes:author>चैतन्य सागर</itunes:author>
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			<pubDate>Tue, 03 Jul 2007 05:24:00 +0000</pubDate>
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			<title>पिया मिलन को जाना</title>
			<itunes:subtitle>लीजिये पॆश है पंकज मल्लिक का  गाया एक बहुत ही दुर्लभ गाना। फिल्म का नाम है  कपाल कुंडला। 
कपाल कुंड</itunes:subtitle>
			<description>लीजिये पॆश है पंकज मल्लिक का  गाया एक बहुत ही दुर्लभ गाना। फिल्म का नाम है  कपाल कुंडला। 
कपाल कुंडला बंकिम चन्द्र चटोपाध्याय का सुप्रसिद्ध उपन्यास है।  फिल्म के निर्देशक हैं नितिन बोस और  यह फिल्म बनी थी 1939 में।</description>
			<itunes:summary>लीजिये पॆश है पंकज मल्लिक का  गाया एक बहुत ही दुर्लभ गाना। फिल्म का नाम है  कपाल कुंडला। 
कपाल कुंडला बंकिम चन्द्र चटोपाध्याय का सुप्रसिद्ध उपन्यास है।  फिल्म के निर्देशक हैं नितिन बोस और  यह फिल्म बनी थी 1939 में।</itunes:summary>
          <itunes:author>चैतन्य सागर</itunes:author>
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			<pubDate>Fri, 25 May 2007 11:09:00 +0000</pubDate>
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			<title>कैसे दिन बीते, कैसे बीती रतियाँ पिया जाने ना</title>
			<itunes:subtitle>मित्रों आज प्रस्तुत है ऋषिकेष मुखर्जी  निर्देशित फिल्म अनुराधा का एक  गाना कैसे दिन बीते कैसे  रतिया</itunes:subtitle>
			<description>मित्रों आज प्रस्तुत है ऋषिकेष मुखर्जी  निर्देशित फिल्म अनुराधा का एक  गाना कैसे दिन बीते कैसे  रतियाँ। जो लताजी ने गाया है। 
अनुराधा फिल्म के मुख्य कलाकार थे बलराज साहनी,अभि भट्टाचार्य,  नासिर हुसैन, हरि शिवदासानी,  और असित सेन की पर सही मायनों में यह फिल्म थी खूबसूरत अभिनेत्री लीला नायडू की। 
अनुराधा रॉय (लीला नायडू ) एक नर्तकी है और उन्हें डॉ निर्मल चौधरी से प्रेम हो जाता है। और पिता की मर्जी के विरुद्ध डॉ चौधरी से  विवाह करती है। और समय जाते एक पुत्री की माँ बनती है।
डॉ चौधरी एक छोटे से गाँव में लोगों की दिन रात सेवा करते हैं, और  उनके पास अपने परिवार के लिये बिल्कुल समय नहीं है।  ऐसे में एक दिन दीपक (अभि भट्टाचार्य) उनकी जिन्दगी में आते हैं और अनुराधा को समझा बुझा कर  फिर से  कलकत्ता जाने के लिये राजी करते हैं। पर आखिर प्रेम  की जीत होती है। यानि अनुराधा अपने पति  डॉ निर्मल चौधरी को छोड़ कर नहीं जाती।
इस फिल्म में कलाकारों के अभिनय के अलावा एक चीज और भी खास है और वह है सुप्रसिद्ध सितार वादक पंडित रविशंकर का मधुर संगीत। 
आज आपको इस फिल्म का एक कैसे दिन बीते वाला गाना सुना रहे हैं जो फिल्म में अनुराधा गाती है कि पिया कैसे दिन बीते कैसे बीती रतियाँ.... क्यों कि पिया के पास उनके  लिये समय नहीं है। 
लीजिये आप उठाईये इस सुन्दर गाने का लुत्फ।&lt;img src=&quot;http://www.mypodcast.com/image-30655&quot;&gt;</description>
			<itunes:summary>मित्रों आज प्रस्तुत है ऋषिकेष मुखर्जी  निर्देशित फिल्म अनुराधा का एक  गाना कैसे दिन बीते कैसे  रतियाँ। जो लताजी ने गाया है। 
अनुराधा फिल्म के मुख्य कलाकार थे बलराज साहनी,अभि भट्टाचार्य,  नासिर हुसैन, हरि शिवदासानी,  और असित सेन की पर सही मायनों में यह फिल्म थी खूबसूरत अभिनेत्री लीला नायडू की। 
अनुराधा रॉय (लीला नायडू ) एक नर्तकी है और उन्हें डॉ निर्मल चौधरी से प्रेम हो जाता है। और पिता की मर्जी के विरुद्ध डॉ चौधरी से  विवाह करती है। और समय जाते एक पुत्री की माँ बनती है।
डॉ चौधरी एक छोटे से गाँव में लोगों की दिन रात सेवा करते हैं, और  उनके पास अपने परिवार के लिये बिल्कुल समय नहीं है।  ऐसे में एक दिन दीपक (अभि भट्टाचार्य) उनकी जिन्दगी में आते हैं और अनुराधा को समझा बुझा कर  फिर से  कलकत्ता जाने के लिये राजी करते हैं। पर आखिर प्रेम  की जीत होती है। यानि अनुराधा अपने पति  डॉ निर्मल चौधरी को छोड़ कर नहीं जाती।
इस फिल्म में कलाकारों के अभिनय के अलावा एक चीज और भी खास है और वह है सुप्रसिद्ध सितार वादक पंडित रविशंकर का मधुर संगीत। 
आज आपको इस फिल्म का एक कैसे दिन बीते वाला गाना सुना रहे हैं जो फिल्म में अनुराधा गाती है कि पिया कैसे दिन बीते कैसे बीती रतियाँ.... क्यों कि पिया के पास उनके  लिये समय नहीं है। 
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          <itunes:author>चैतन्य सागर</itunes:author>
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			<pubDate>Fri, 25 May 2007 10:27:00 +0000</pubDate>
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			<title>आ इन्तजार है तेरा</title>
			<itunes:subtitle>मल्लिका ए तरन्नुम नूरजहाँ का गाया एक दुर्लभ गाना। फिल्म बड़ी माँ से।</itunes:subtitle>
			<description>मल्लिका ए तरन्नुम नूरजहाँ का गाया एक दुर्लभ गाना। फिल्म बड़ी माँ से।</description>
			<itunes:summary>मल्लिका ए तरन्नुम नूरजहाँ का गाया एक दुर्लभ गाना। फिल्म बड़ी माँ से।</itunes:summary>
          <itunes:author>चैतन्य सागर</itunes:author>
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			<pubDate>Tue, 22 May 2007 07:11:00 +0000</pubDate>
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