Tuesday, Jul 03, 2007

ये किसके इशारे जहाँ चल रहा है?

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http://mahaphil.mypodcast.com/2007/07/post-26085.html
इस सुन्दर गाने को सुनने के लिये आपको इस लिंक को कॉपी कर अपने ब्राऊजर में पेस्ट करना पड़ेगा क्यों कि नारद से यह लिंक किन्हीं तकनीकी कारणों से नहीं खुलेगा।
हेमंत कुमार संगीतकार के रूप में जितनी मधुर धुनें दी ही थी बतौर गायक उतने ही मधुर गाने गाये। यहाँ प्रस्तुत गाना फिल्म पहली झलक (१९५४) का है फिल्म का संगीत दिया है सी रामचन्द्र ने और गीतकार है, राजेन्द्र कृष्ण। इस सुन्दर गाने में वाद्य यंत्रों का उपयोग बहुत कम हुआ है पर संगीतकार सी रामचन्द्र ने बांसुरी और तबले का उपयोग बहुत ही खूबसूरती से किया है। गाने के बोल नीचे दिये है

ज़मीं चल रही आसमां चल रहा है

ये किसके इशारे जहाँ चल रहा है

ज़मीं चल रही है...



चली जा रही है जमाने की नय्या

नजर से ना देखा किसी ने खेवैया

ना जाने ये चक्कर कहाँ चल रहा है

ये किसके इशारे ...

ये हंसना ये रोना ये आशा निराशा

समझ में ना आये ये क्या है तमाशा

ये क्यों रात दिन कारवां चल रहा है

ये किसके इशारे ...

अजब ये महफ़िल अजब दास्तां है

ना मंजिल है कोई ना कोई निशां है

तो फिर किसके लिये कारवां चल रहा है

ये किसके इशारे....

भटकते तो देखे हजारों सयाने

मगर राज कुदरत का कोई ना जाने

ये सब सिलसिला बेनिशां चल रहा है

ये किसके इशारे जहाँ चल रहा है

Posted by चैतन्य सागर at 5:24 AM |  12 comments  

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